Thursday, 16 January 2014

किरपा

बस इतनी किरपा करना
प्रभु मेरा हाथ थामे रखना
मैं गिरने न पाऊँ  कभी
तुम मुझे सम्भाले रखना
हरदम मेरे अंग संग रहना
मैं भटकने न पाऊँ कभी
 चरणों में समेटे रखना
बस इतनी किरपा करना

Tuesday, 7 January 2014

विचार

विचारों की दौड़
 हो जाती है पल में
यहाँ से वहाँ तक,
 ना जाने कहाँ तक
हे रब, कर दो इतनी कृपा,
हो जाए ये स्थिर
केवल तेरे चरणों तक

Sunday, 5 January 2014

ओ मेरे साईं

ओ मेरे साईं
ये कैसी उम्र आई
हाल भी बुरे  है
घुटनों के दर्द से
चाल भी बुरे  हैं
सर्द मौसम में करतें हैं
 दिन रात सिकाई 
ओ मेरे साईं
ओ मेरे साईं 

नव वर्ष

बीते वर्ष के दर्दो -गम भूल जाएँ
नव वर्ष में नयी खुशियां मनायें  
आओ हम सब मिल कर 
प्रभु का शुक्राना गायें। 

Sunday, 24 November 2013

आहटें

बहुत कोशिश से रोकी अपनी मुस्कराहटें
सुनी जब उनकी दबी दबी सी आहटें
रुख से हटाया उन्होंने जब पर्दा
होने लगीं हम दोनों में सुगबुगाहटें 

Tuesday, 19 November 2013

गेसू

मेरे अधखुले से गेसू ,हवा में ऐसे उड़ें
जैसे कर रहे हो, इंतजार किसी का
उसे न आना था, वो न आया अब तक
रहता है अब भी ,  होंठों पर नाम उसी का 

Tuesday, 12 November 2013

आसपास

क्यूं लग रहा है जैसे ,
 तू कहीं आसपास  है मेरे
दिल में दर्द सा हो रहा है ,
आँखें नम हो  रही हैं याद में तेरे